घर आके तेरा चहरा देखने में
रोज़ तेरे साथ बाते करने में
तेरे हाथो से खाना चखने में
तेरे हसी के ठहाके सुनने में
और रह रह कर तुझे छूने में
बड़ा मजा आये मुझे यह सब करने में ॥
धीरे धीरे तुझे दिल्ली घुमाने में
कभी इधर कभी उधर ले जाने में
तेरे साथ चाट गोल गप्पे खाने में
अचानक आई बारिश में भीगने में
और इस रंगीन सफ़र को साथ बिताने में
बड़ा मजा आये मुझे यह सब करने में ॥

रिश्तेदारों के यहाँ खाने को जाने में
वहा ज़बरदस्ती मीठा मीठा खाने में
भाई बहनों से ढेर सारी मस्ती करने में
बड़ो का प्यार और आशीर्वाद लेने में
और सबसे नज़रे चुराकर तुझे देखने में
बड़ा मजा आये मुझे यह सब करने में ॥
तेरे संग आगे जीवन के सपने सजाने में
हर पल को बीते पल से हसीन बनाने में
धीरे धीरे तेरे संग पूरी दुनिया देखने में
तेरे संग दिन महीने और साल गिनने में
और तेरे साथ तीस चालीस पचास का होने में
बड़ा मजा आये मुझे यह सब करने में ॥

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